श्रीदेवनाथ महास्थानम, श्रीनाथपीठ, श्रीदेवनाथ मठ अंजनगांव सुर्जी, जिला अमरावती, महाराष्ट्र दुनिया के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है।
इस सिद्धपीठ का निर्माण भगवान नारायण की कृपा से भगवान श्री दत्तात्रेय ने किया था। इस पीठ परंपरा के पूज्य देवता भगवान श्री नारायण हैं, इष्ट देवता भगवान श्री हनुमान हैं, संरक्षक देवता श्री भैरव हैं और आचार्य देवता भगवान श्री दत्तात्रेय हैं। शक्ति है श्री अनघालक्ष्मी। इसके प्रधान देवता पिता भगवान ब्रह्मा हैं, जबकि ज्ञान के शिक्षक ऋषि श्री अत्रि हैं। इस पीठ परंपरा के इष्टदेव पट्टाभिषिक्त आचार्य श्रीनाथ पीठाधीश्वर श्री जगद्गुरु अवतारी महापुरुष होते हैं जिन्हें (गुरु) ‘नाथ’ कहा जाता है।
सन २००० इ. में जगद्गुरु भगवान आचार्य सद्गुरु श्रीमनोहरनाथ महाराज के बाद, जगद्गुरु आचार्य सद्गुरु श्रीजितेंद्रनाथ स्वामी महाराज वर्तमान में श्रीनाथ पीठ के प्रमुख हैं।
श्रीदेवनाथ पीठ परम्परा पूरे भारत और विदेशों में एक अत्यंत सम्मानित और प्रसिद्ध परम्परा है। राष्ट्र और धर्म के लिए समर्पित इस पवित्र परंपरा की राजधानी, सुर्जी स्थित श्रीदेवनाथ मठ इस परंपरा का उद्गम स्थल है तथा इस परंपरा से जुड़े अनेक पवित्र स्थल देश-विदेश में फैले हुए हैं, जहां हर स्थान पर इसकी दिव्य ऊर्जा और आशीर्वाद को महसूस किया जा सकता है। श्रीनाथ पीठ के वर्तमान पीठाधीशों की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से इन सभी स्थानों पर भगवान, देश एवं धर्म के कल्याण के लिए अनेक उपक्रम एवं धार्मिक कार्य निरंतर किए जा रहे हैं।