देश के सुदूर जंगलों और पहाड़ों में रहने वाला आदिवासी समुदाय हमारी भारतीय परंपराओं और संस्कृति का सच्चा संरक्षक और संवाहक है।
"वनवासी छात्रावास" अंजनगांव सुर्जी में आदिवासी समुदाय तक विकास और कल्याण की किरणें पहुंचाकर 'आपसी एकता और सद्भाव' की भावना को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है।' श्रीनाथ वनवासी छात्रावास' की स्थापना मेलघाट के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को शैक्षिक सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है । 'वनवासी छात्रावास' परम पूज्य श्री जितेन्द्रनाथ महाराज के आशीर्वाद एवं प्रेरणा से प्रारंभ किया गया।
आज तक यहां ५०० से अधिक बच्चों को शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रीय सेवा के बीज (मूलतत्व) प्राप्त हुए हैं। इसके माध्यम से आदिवासी समाज की नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर और सुव्यवस्थित बनाने का महत्वपूर्ण कार्य यहां निरंतर किया जा रहा है।
इसके लिए, समाज के विभिन्न क्षेत्रों,प्रांतो से हजारों संवेदनशील और समर्पित दानदाता अपने आदिवासी भाइयों और बहनों के विकास के लिए अपना तन, मन और धन से योगदान दे रहे हैं।