यह संस्था संगीत विद्यालय सहित भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रचार एवं प्रसार के लिए कार्यरत है।
श्रीनाथ गांधार संगीत विद्यालय सद्धर्म प्रवर्तन मंडल संस्था के अंतर्गत संचालित एक धर्मार्थ पहल है और यह संगीतमय कार्य परम पूज्य स्वामी श्री जितेन्द्रनाथ महाराज के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन से किया जा रहा है।
इस केंद्र की स्थापना गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर २५ मार्च २०२० को हुई और केंद्र की अध्यक्षता सुश्री पल्लवी पद्माकर भिरंगी द्वारा की जारही हैं।
"श्रीनाथ गांधार संगीत विद्यालय" अखिल भारतीय गांधर्व महाविद्यालय बोर्ड का आधिकारिक परीक्षा केंद्र भी है और हर वर्ष सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रारंभिक (प्रथमा परीक्षा) से मध्यमा (पांचवीं परीक्षा) तक शास्त्रीय संगीत का अध्ययन करते हैं। संगीत शिक्षकों, छात्रों और संगीत प्रेमियों के मध्य पारंपरिक शास्त्रीय संगीत के महत्व को स्थापित करने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ कार्यान्वित की जाती हैं। इस संस्था का मुख्य उद्देश्य इस माध्यम से भारतीय शास्त्रीय संगीत और भक्ति परंपरा में इसके महत्व को उजागर करते हुए समाज में जागरूकता फैलाने बढ़ावा देने और स्थापित करने के लिए विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति करती है।
संगीत विद्यालय द्वारा श्रीनाथ विद्यालय के वन बंधु छात्रों को निःशुल्क शास्त्रीय संगीत शिक्षा एवं मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है।
इस संगीत विद्यालय के छात्रों ने विभिन्न संगीत प्रतियोगिताओं में भाग लिया है और पुरस्कार के साथ सफलता भी हासिल की है।
इस संस्थान के विद्यार्थियों ने भारतीय शिक्षा नीति २०२० के अंतर्गत संगीत पर लघु-शोधकार्य किया है तथा भारतीय ज्ञान परंपरा पाठ्यक्रम (आईकेएस) सन २०२१-२२ के लिए संगीत विषय पर शोध-प्रबंध लेखन कार्य भी किया है।
भारतीय संगीत के क्षेत्र के कई प्रख्यात विद्वान और सुप्रसिद्ध कलाकार यहां आ चुके हैं।