विगत अनेक वर्षों से सुर्जी स्थित दशहरा मैदान में श्रीनाथ पीठाधीश्वरों (वर्तमान पीठाधीश, प.पू. स्वामी जितेन्द्रनाथ महाराज) की उपस्थिती में परम्परागत दशहरा उत्सव मनाया जा रहा है। विजयादशमी के इस अवसर पर सम्पूर्ण ग्रामवासी, शक्ति पूजन में सहभागी होते हैं । इस अवसर पर शाम को श्रीदेवनाथ मठ से भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है। परंपरा के अनुसार, पालकी, श्री रामचन्द्र और हनुमान के विग्रह को रथ पर लेकर पं. पू. स्वामी जितेन्द्रनाथ महाराज दशहरा मैदान तक झांकी का नेतृत्व करते हैं।
भक्तगण इस चलसमारोह में झांकियों का दर्शन और स्वागत करते हैं । अनेक संगीत समूह के साथ लेज़िम-नृत्य, हथियारों का प्रदर्शन करते हुए मार्ग तय करते हैं।
दशहरा मैदान पर भगवान श्री रामचंद्र, श्री हनुमान और श्री देवनाथ महाराज की चरण पादुकाओं का पूजन किया जाता है और पारंपारिक सोना (शमिपत्र) का आदान-प्रदान एक-दूसरे को किया जाता है।
इसके अलावा मैदान पर मल्लखंभ तलवारबाजी, दाण्डपट्टा (लचिली तलवार) लाठी कौशल, युद्ध कौशल, आत्मरक्षा कौशल जैसे साहसिक खेलों का प्रदर्शन किया जाता है।
प. पू. स्वामी जितेन्द्रनाथ महाराज के संबोधन के बाद झांकियां श्रीदेवनाथ मठ के लिए रवाना होती है । इस बीच, रास्ते में अनेक सार्वजनिक दुर्गोत्सव मंडलो के दुर्गा देवियों का पूजन प.पू. स्वामी श्री जीतेन्द्रनाथ महाराज जी के करकमलों से होता है।